टेक्नोलॉजी की दुनिया में चीन की नई छलांग
चीन ने एक बार फिर दुनिया को अपनी तकनीकी क्षमता दिखा दी है। इस बार हांगकांग की चाइनीज यूनिवर्सिटी की टीम ने एक ऐसा AI-सर्जिकल रोबोट विकसित किया है, जो न सिर्फ ऑपरेशन थिएटर में मदद करेगा बल्कि डॉक्टरों का तीसरा हाथ भी बन सकता है। यह रोबोटिक आर्म ऑपरेशन के दौरान कई अहम काम कर सकता है, जिन्हें अब तक सिर्फ अनुभवी सर्जन ही अंजाम देते आए हैं।
जिंदा पिग पर सफल ट्रायल

इस AI-सर्जिकल रोबोट का पहला ट्रायल एक जिंदा पिग पर किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रायल बेहद सफल रहा और रोबोट ने ज्यादातर अलॉटेड टास्क पूरे किए। इसने टिश्यू हटाने, गॉज उठाने और ब्लड वेसल को क्लिप करने जैसे कठिन काम किए।
रिसर्च टीम ने एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन के साथ मिलकर पिग के पेट को आसपास के हिस्सों से अलग करने की प्रक्रिया की। इस दौरान रोबोट ने गॉज उठाया, जो खून से भीग चुका था। शुरू में यह टिश्यू और खून के रंग में फर्क करने में थोड़ा कन्फ्यूज हुआ, लेकिन आखिरकार सही फैसला लेकर काम किया।
सबसे कठिन काम था ब्लड वेसल क्लिपिंग। यह टास्क बेहद अनुभव मांगता है, लेकिन रोबोट ने 6 बार में से 4 बार इसे सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया।
क्यों है यह तकनीक खास?

AI-सर्जिकल रोबोट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह तेज गति से काम करता है और डॉक्टरों का बोझ कम कर सकता है।
- यह नाजुक अंगों पर भी बारीकी से काम कर सकता है।
- ब्लड वेसल या टिश्यू जैसी जटिल प्रक्रियाओं को संभाल सकता है।
- ऑपरेशन को तेज और सुरक्षित बना सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर किसी वक्त डॉक्टर को लगे कि रोबोट सही तरह से काम नहीं कर रहा, तो वे तुरंत इसका कंट्रोल अपने हाथ में ले सकते हैं।
जैसे ऑटोमेटिक गाड़ियां, वैसे ही AI रोबोट

इस रिसर्च टीम के लीडर डोउ क्यूई का कहना है कि शुरुआत में लोग ऑटोमेटिक गाड़ियों पर भी भरोसा करने से डरते थे, लेकिन समय के साथ उन्हें अपनाया गया। ठीक उसी तरह, यह AI-सर्जिकल रोबोट भी धीरे-धीरे भरोसा जीतेंगे और मरीजों की जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
सपना था, अब हकीकत के करीब
कुछ साल पहले तक ऑटोमेटिक सर्जरी को सिर्फ एक सपना माना जाता था। लेकिन अब यह तकनीक हकीकत बनने के बेहद करीब है। डोउ और उनकी टीम ने अपने AI-सर्जिकल सॉफ्टवेयर को ओपन सोर्स कर दिया है, ताकि दुनिया भर के वैज्ञानिक इसे इस्तेमाल कर सुधार ला सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऑपरेशन थिएटर में यह रोबोट डॉक्टरों का सबसे भरोसेमंद साथी बन जाएगा। यह न सिर्फ सर्जनों की मदद करेगा, बल्कि लाखों मरीजों के लिए जिंदगी और मौत के बीच का फर्क साबित हो सकता है।
👉 चीन की यह खोज मेडिकल साइंस में नई क्रांति की शुरुआत है, जो भविष्य में पूरे हेल्थकेयर सिस्टम को बदल सकती है।
